Posts

Showing posts from August, 2020

शेर

उसके लबों पर जब मेरा यूँ नाम आता है  गुलशन से सीधे तितलियों का सलाम आता है ।।                     - चिंतन जैन

शेर

मत देखों इस कदर तुम आसमान की जानिब शरमाकर कही कोई तारा न टूट जाए ।।                   - चिंतन जैन 

शेर

इक बंजर ज़मीं पे मैंने फूल खिलाकर दिखा दिया पत्थर-दिल एक शख्स को इश्क़ करना सीखा दिया ।।                             - चिंतन जैन

शेर

तूफान लग रहा वो हवा का झोंका भी हो सकता है  जो देख रहे हो वो आंखों का धोखा भी हो सकता है ।।                           - चिंतन जैन

शेर

उसने दिन में चाँद को देखने की ख़्वाहिश की सो हमने भी यार को इक आईना लाकर दे दिया ।।                          - चिंतन जैन